अयोध्या में 1992 जैसा हाल,डरे-सहमे लोग,लाखों की संख्या में पहुँच रहे हैं कार्यकर्ता,चप्पे चप्पे पर कमांडो तैनात,3500 मुसलमानों की अयोध्या से पलायन शुरू

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश का माहौल शुरुआती सर्दी के मौसम में गर्माया हुआ है,और आम जनता में एक आसाधारण भय महसूस हो रहा है,कारण है 25 नवंबर को अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद की विशाल है,जिससे स्थानीय लोगों में 1992 जैसा माहौल पैदा हो गया है।

ग्राउंड रिपॉर्ट के मुताबिक हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार (22 नवंबर) को वहां जुलूस निकाले, जिससे इलाके में डर का साया मंडरा गया और लोग सहमे हुए हैं। वे इलाके में हालात बिगड़ने की आशंका में अभी से अतिरिक्त राशन जमा करने लगे। यही कारण है कि शहर में सुरक्षा के इंतजामात भी चाक-चौबंद कर दिए गए हैं। जगह-जगह सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ), यूपी प्रोविंशियल आर्म्ड कॉन्स्टाबुलरी (पीएसी) और पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।

राम मंदिर के मसले पर वीएचपी की रविवार को होने वाली धर्मसभा में करीब दो लाख लोगों के जुटने की संभावना है। उधर, शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे भी अयोध्या पहुंचने वाले हैं। तनाव की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोग राशन जुटाना शुरू कर चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या विवाद की सुनवाई अगले साल जनवरी तक टालने के फैसले के बाद इस मामले में बयानबाजी और हिंदू संगठनों द्वारा सभाओं का दौर जारी है। अयोध्या में रविवार को वीएचपी की ओर से आयोजित धर्मसभा से पहले यहां स्थिति काफी तनावपूर्ण है।

शहर के लोग किसी अनहोनी की आशंका से सहमे हुए हैं। शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे भी 24 नवंबर को अयोध्या पहुंचने वाले हैं। यहां उनका संतों से मिलने का कार्यक्रम है। वीएचपी की धर्मसभा में दो लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। उधर, शहर के लोग इन आयोजनों को लेकर काफी आशंकित हैं। हिंदू और मुस्लिम परिवारों ने तनाव और हालात बिगड़ने के डर से राशन जमा करना शुरू कर दिया है।

पूरे शहर में सीआरपीएफ और पीएसी के साथ-साथ यूपी पुलिस की भारी तैनाती के बीच उच्च सूत्रों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उन्हें यह स्पष्ट आदेश मिला है कि विवादित स्थल पर मौजूदा व्यवस्था से कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। हालांकि, अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि राम जन्मभूमि के अंदर और बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बलों के तैनाती की गई है। फैजाबाद डिविजनल कमिश्नर मनोज मिश्रा ने कहा कि परिसर के पास सिर्फ उन्हें ही जाने की अनुमति है जो दर्शन के मकसद से वहां जाना चाहते हैं।

हालांकि, अयोध्या और फैजाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है, लेकिन गुरुवार को वीएचपी को रोड शो करने से रोका नहीं जा सका। इस रोड शो का नेतृत्व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किया। वे रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे का नारा लगा रहे थे। वीएचपी लीडर भोलेंद्र सिंह ने कहा, ‘हम राम जन्मभूमि की लड़ाई लड़ने जा रहे हैं।’ वीएचपी का रोड शो फैजाबाद के मुस्लिम बहुल इलाकों से होकर भी गुजरा, हालांकि इस दौरान वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे।

व्यापार मंडल के अध्यक्ष जनार्दन पाण्डेय ने कहा, ‘वे फैजाबाद एवं अयोध्या के शांतिपूर्ण वातावरण को बिगाड़ना चाहते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘दोनों शहरों के लोगों को आशंका सता रही है कि आने वाले दिनों में स्थितियां सामान्य नहीं रहेंगी। इसलिए, हिंदू और मुस्लिम, दोनों परिवारों ने जरूरी राशन जमा करना शुरू कर दिया है।’

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