अगर कौम का कुछ भला करना है तो कुएं के मेंढक वाली सियासत से बाहर निकलना पड़ेगा.

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अगर कौम का कुछ भला करना है तो कुएं के मेंढक वाली सियासत से बाहर निकलना पड़ेगा.

अगर कौम का कुछ भला करना है तो कुएं के मेंढक वाली सियासत से बाहर निकलना पड़ेगा.

अगर आप को #आसाम की ” Indian National Congress ” की रणनीति देखकर उर्दू नाम से नफरत समझ में ना आई हो तो तेलंगाना पर ज्ञान ना पेलो
क्योंकि आप सियासी तौर पर लुल हो आपके बस का नहीं है…!

सियासत में ” सेकुलर पार्टियों ” की चाल को समझना अगर समझनी है तो ” गुलाम नबी आजाद ” का दर्द देखो ” सलमान खुर्शीद ” की हालत देखो ” आजम खान ” का बुझा चेहरा देखो ” नसीमुद्दीन ” की बेबसी देखो ” नवाब मलिक ” की मजबूरी देखो ” अहमद पटेल ” की छुपने की कला देखो मुद्दों से ” आबू असिम ” आज़मी की हकलाने की और मुद्दों से भागकर अलग राग छेड़ने की समस्या समझो फिर आपको समझ में आएगा

” Rahul Gandhi ” को ” Asaduddin Owaisi , Akbaruddin Owaisi ” से #Aimim से दिक्कत कियूँ है….!
राहुल गांधी को क्या सपा को बसपा को क्या राष्ट्रवादी कांग्रेस को उर्दू नाम वाला बोलने वाला नेता नहीं चाहिए सुनने वाला नेता चाहिए और उन्हें सियासी साझेदार नहीं सियासी गुलाम चाहिए…।

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