अयोध्या पर वलय सिंह की नई किताब “AYODHYA CITY OF FAITH, CITY OF DISCORD” पर रवीश कुमार के कुछ शब्‍द

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वलय सिंह हमारे पूर्व सहयोगी रहे हैं। पिछले ढाई-तीन साल से अयोध्या आते-जाते देख रहा हूँ। उन्होंने अयोध्या पर एक किताब लिखी है। वलय का कहना है कि काफ़ी मेहनत की है। ढाई साल से सिर्फ अयोध्या पर ही रिसर्च कर रहा था। वहाँ जाकर लोगों से मिल रहा था। मैंने वलय के जाते ही सबसे पहले संदर्भ सूची देखी। बक़ायदा गिना। वलय ने इस किताब को लिखने के लिए लोगों से मिलने के अलावा 122 किताबों और रिपोर्ट का अध्ययन किया है। इससे पता चलता है कि लेखक ने अपने निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए मेहनत की है। वलय बता रहे थे कि हिन्दी की किताबों का भी सहारा लिया है। यहाँ तक कि कुँवर नारायण की कविता भी है।

वलय की संदर्भ सूची में किशोर कुणाल की किताब Ayodhya revisited, धीरेंद्र झा और कृष्णा झा की Ayodhya:The Dark Night, the secret history of Rama’s appearance in Babri Masjid को भी शामिल किया है। इन दोनों पुस्तकों के बारे में पहले लिख चुका हूँ। वलय ने अयोध्या पर प्रभात प्रकाशन आई हेमंत शर्मा की किताब का भी अध्ययन किया है। हेमंत शर्मा की किताब हिन्दी में आई है। फ़ाइनेंशियल एक्सप्रेस के संपादक सुनील जैन ने उनकी किताब पर कई ट्विट किए हैं। कि इस किताब में उनकी बहन मीनाक्षी जैन Rama and Ayodhya से कई बातें सीधे सीधे उठाई गई हैं और उनकी बहन के रिसर्च को श्रेय नहीं दिया गया है। हेमंत शर्मा ने क्या जवाब दिया है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मेरे पास उनकी भी किताब है। अभी देखने का वक़्त नहीं मिला है कि उनकी किताब में संदर्भ सूची है भी या नहीं है। पढ़ूंगा ज़रूर।

बेहतर होगा कि जब पढ़ लिया है तो वलय ही हेमंत की किताब की समीक्षा लिखें जिससे हम पाठकों के सामने कुछ सवाल हों। आप सभी अयोध्या के मसले को गंभीरता से लें। बिना पढ़े और समझे इस विवाद में कूदेंगे तो विवाद के नीचे गहरी खाई मिलेगी। वलय सिंह की किताब से शुरू कीजिए और फिर बाक़ी लेखकों को भी खंगालिए। इसके बाद धीरेंद्र झा वाली तो अवश्य ही पढ़ें।

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यह मुद्दा आने वाले दिनों में बेरोज़गारों को उल्लू बनाने के लिए चरम पर होगा। गाँव गाँव के लड़के उन्मादी भीड़ में बदले जाएँगे। टीवी के एंकर आग लगाने के लिए पर लुत्ती लिए घूम रहे हैं। बेहतर है कि आप वक़्त निकाल कर पढ़ लें और देखना शुरू करें कि गेम किधर घूम रहा है। लोकतंत्र में लफंदर बनना आसान है। नागरिक बनने के लिए तैयारी करनी पड़ती है। टीवी चैनल से सावधान रहें। किताबें पढ़ें।

इसलिए वलय की कोशिश थी कि अयोध्या पर एक समग्र किताब लिखी जाए। मैं पढ़ना शुरू कर रहा हूँ। कवर का स्पर्श-बोध अच्छा है। किताब का नाम है AYODHYA CITY OF FAITH, CITY OF DISCORD. 799 रुपये की यह किताब ALEPH से आई है।

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