मोदी का एक और झूट 1988 में मोदी ने इस्तेमाल किया डिजिटल कैमरा और Email ,सोशल मीडिया ने उड़ाई खिल्ली

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अपने इंटरव्यू को लेकर चर्चाओं में हैं क्योंकि उनकी बातें किसी की भी समझ मे नही आरही हैं कि प्रधानमंत्री कहना क्या चाहते हैं और करना क्या चाहते हैं?अक्षय कुमार को दिये गए इंटरव्यू की चर्चा अभी खत्म नही हुई थी कि अब एक और मजेदार बात कहकर बहस छेड़ दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक निजी चैनल को दिए इटंरव्यू में दावा किया है कि उन्होंने 1988 में डिजिटल कैमरे से तस्वीर खींच ईमेल की थी. पीएम मोदी के इस दावे से सोशल मीडिया हैरान परेशान है और हर कोई इस दावे की तह में जाने में लगा हुआ है।

ना सिर्फ सोशल मीडिया यूजर्स बल्कि राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर बहस कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी के IT सेल की प्रमुख दिव्या स्पंदना ने भी प्रधानमंत्री के इस कथन पर टिप्पणी की है. दिव्या स्पंदना ने लिखा कि क्या आप सोच सकते हैं कि 1988 में नरेंद्र मोदी की ईमेल आईडी क्या थी? मुझे लगता है
इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने क्या कहा था?

एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘शायद, मैंने पहली बार डिजिटल कैमरा का उपयोग किया, 1987-1988 में और उस समय काफी कम लोगों के पास ईमेल रहता था. मेरे यहां विरमगाम तहसील में आडवाणी जी की रैली थी, मैंने डिजिटल कैमरा पर उनकी फोटो खींच कर दिल्ली को ट्रांसमिट की.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर कई आम यूजर्स और बुद्धिजीवी इस मुद्दे पर बहस कर रहे हैं. इकॉनोमिस्ट रूपा सुब्रमण्या ने लिखा कि 1988 में पश्चिमी देशों में भी कुछ ही वैज्ञानिकों के पास ही ईमेल था, लेकिन पीएम मोदी ने 1988 में ही हिंदुस्तान में ईमेल का इस्तेमाल कर लिया था. जबकि बाकी देश के लिए 1995 में इसका इस्तेमाल लागू हुआ।

ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी ने मोदी की खिल्ली उड़ाते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री के पास बटुआ नहीं था, क्योंकि पैसे नहीं थे. लेकिन 1988 में ईमेल और डिजिटल कैमरा था।

वायरल वीडियो के जवाब में शाहिद अख्तर ने लिखा है कि पहला डिजिटल कैमरा 1990 में बिक्री के लिए सामने आया था. ये लोजिटेक फोटोमैन का ग्रे वर्ज़न था. लेकिन पीएम मोदी के पास ये 1988 में ही था. इसके अलावा तब उन्होंने इंटरनेट का भी इस्तेमाल कर लिया था, जबकि भारत में 14 अगस्त, 1995 में इंटरनेट आया था।

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