भाजपा नीति से सेना भी गंभीर तोर पर परेशान, 4 लाख कर्मचारियों ने किया जनवरी में तीन दिवसीय हड़ताल करने की घोषणा

मोदी सरकार की नकारात्मक नीतियों के खिलाफ सेना के 4 लाख कर्मचारियों जनवरी महीने में 3 दिन जबरदस्त हड़ताल की तैयारी शुरू कर चुके हैं। इस हड़ताल में 41 हथियार निर्माता कारखानों के कर्मचारियों, नोएल डॉक्स कर्मचारियों, वायुसेना कार्यशाला कर्मचारियों सहित कई अन्य कंपनियों के कर्मचारियों भी भाग लेंगे। इस संबंध में इन सभी कर्मचारियों ने मंगलवार को भी अनशन करते हुए दोपहर का खाना नहीं खाया।

ऑल इंडिया आर्मी इंपलाई एसोसिएशन के महासचिव सी श्रीकुमार का इस संबंध में कहना है कि “मंगलवार को हम दोपहर का खाना नहीं खाया है, लेकिन इसके बाद भी अगर सरकार सक्रिय नहीं लगती है तो हम बड़े पैमाने पर हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं जो लाखों कर्मचारी भाग लेंगे। “इस बारे में महानिदेशक कोालीटी अशयूरनस के साथ काम कर रहे एक यूनियन नेता ने कहा कि” सरकार हमारे नौकरियों को छीन रही है और सामरिक सेक्टर कुंजी निजी सेक्टर के हाथों में दे रही है। ऐसे माहौल में हम सरकार का ध्यान अपनी तरफ खींचने के लिए कुछ और नहीं सोच सकते

सेना के एक ब्रिगेडियर ने इस संबंध में कहा कि पिछले काफी समय से हथियार बनाने वाली कारखानों की क्षमता कम हुई है। पिछले कुछ समय में उनकी गुणवत्ता में गिरावट भी दर्ज की गई है। एक मार्शल का इस मामले में कहना है कि सरकार को इतनी जल्दी परिणाम के लिए इंतजार नहीं करना चाहिए और न ही उसे चुनावी मुद्दा बनाना चाहए.

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