महाराष्ट्रा में मुस्लिम आरक्षण की माँगों को लेकर ओवैसी के विधायकों ने किया प्रदर्शन

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में लम्बे समय से चली आरही मराठा आंदोलन की लड़ाई नतीजे को पहुंचने वाली है,क्योंकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा आरक्षण को मंज़ूरी दे दी है, सोमवार को शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले मुख्यमंत्री ने ये जानकारी दी. लेकिन अभी ये तय नहीं हुआ है कि मराठाओं को सामाजिक और आर्थिक पिछड़े समाज के तौर पर कितने प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

विपक्ष इस मुद्दे पर अब सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. सोमवार से शुरू हो रहा महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र काफ़ी गर्म रहने के आसार हैं. सत्र से ठीक एक दिन पहले अपनी बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने राज्य में सूखे से लेकर कर्ज़ माफ़ी तक के मुद्दे पर सरकार को घेरने की बात कही. लेकिन सबसे ख़ास मुद्दा रहा आरक्षण का।

इसके बाद मुस्लिम आरक्षण की माँगों को लेकर हलचल शुरू होगई है,जिसके लिये ऑल इंडिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन के विधायक इम्तियाज़ जलील और वारिस पठान ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुस्लिम आरक्षण के बारे में सवाल उठाये।

इम्तियाज़ जलील और वारिस पठान ने विरोध करते हुए मुख्यमंत्री से माँग करी है कि मराठा आरक्षण के जश्न मनाने की तारीख तय करने के बाद मुख्यमंत्री बताए कि मुसलमान कब जश्न मनाएँ?उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार मराठा समुदाय को आरक्षण दे रहे हैं तो हमें आरक्षण भी देना चाहिए, अगर मुसलमानों को आरक्षण नही दिया जाता है तो यह सरकार मुस्लिम विरोधी है।

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