तेलंगाना में ओवैसी और चन्द्रशेखर राव मिलकर बनाएंगे सरकार ? दोनों की दोस्ती से विपक्ष की उड़ा रही है नींद

नई दिल्ली: 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कोंग्रेस और बीजेपी की पाँच राज्यों में होरहे विधानसभा चुनाव में कड़ी परीक्षा है,मध्यप्रदेश, राजिस्थान, छत्तीसगढ़, मिज़ोरम,तेलंगाना, में नई सरकारों का गठन होना है।

मध्यप्रदेश और राजिस्थान में बदलाव की लहर देखने को मिल रही है वहीं छत्तीसगढ़ जोड़तोड़ होने की आशंका है,लेकिन तेलंगाना में असदउद्दीन ओवैसी और उनके दोस्त मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव चुनाव प्रचार प्रसार में सन्तुष्ट दिखाई पड़ रहे हैं।

ओवैसी और चन्द्रशेखर राव की दोस्ती रोज़ाना ज़ोर पकड़ती जारही है,जिससे टीडीपी,कोंग्रेस,बीजेपी सहित अन्य दलों की नींदें उड़ी हुई हैं,लोगों को अपनी सियासी ज़मीन खिसकती हुई नजर आरही है।

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने छह सितंबर को हैदराबाद के सांसद ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम को ”मित्र पार्टी” बताया था. उसी दिन 119 सदस्यीय विधानसभा को उन्होंने भंग कर दिया था. हालांकि, राव कुछ नया नहीं कह रहे हैं, बल्कि उनके कार्यकाल के दौरान इसकी बानगी खूब दिखी।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन Aimim की पुराने शहरी इलाकों में मजबूत पकड़ रही है और पार्टी ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव में सात सीटें जीती थीं. सात दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने अपने आठ उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं और यह किसी से छिपा नहीं है कि पार्टी अन्य विधानसभा क्षेत्रों में टीआरएस का समर्थन कर रही है. ओवैसी ने भी निर्मल कस्बे में टीआरएस के समर्थन में एक चुनाव प्रचार अभियान को संबोधित किया था।

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