ओवैसी ने अपने ड्राईवर को बनाया विधानसभा प्रत्याशी,विधायक बनने से र्सिफ दो कदम दूर

नई दिल्ली: हैदराबाद में ऑल इंडिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन की बादशाहत क़ायम है,जहां पार्षद से लेकर साँसद तक मजलिस के कब्जे में हैं,Aimim जनता के बीच मे रहकर काम करती है,जनता का काम करती है इस लिये बेहद मक़बूलियत लोगो के बीच में पाई जाती है।

Aimim जिसको चाहे उठाकर उसको मेयर,विधायक,पार्षद बना देती है और रातों रात उसकी जिंदगी बदलने का काम करती है,बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी अपने ईमानदार और वफादार लोगों को कभी नज़रअंदाज़ नही करते हैं हमेशा उनकी हौसला अफजाई करते हैं,और उनको आगे बढाने का काम करते हैं।

7 दिसम्बर को तेलंगाना में विधानसभा चुनाव हुए हैं जिसका परिणाम 11 दिसम्बर को आना है,इस बार ओवैसी ने एक नई विधानसभा सीट राजेन्द्र नगर से चुनाव लड़ाया है,और इस पर जिसको अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाया है वो कोई बड़ा आदमी नही है बल्कि वो Aimim एक वफादार कार्यकर्ता मजलिस का कार ड्राईवर है।

राजेन्द्र नगर से विधानसभा सीट से ओवैसी ने अपने पुराने सिपाही मिर्ज़ा रहमत बेग को मैदान में उतारा है,रहमत बेग 1994 से Aimim के बूथ अध्य्क्ष के तौर पर काम करते आये हैं,मिर्ज़ा रहमत बेग एक गरीब परिवार से आते हैं।

मिर्ज़ा रहमत बेग ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके पास एक चेतक स्कूटर था,जिसमें पेट्रोल ड़ालने के लिये भी उनके पैसे नही रहते थे तो दारुल सलाम में असदउद्दीन ओवैसी से पैसे लेकर जाते थे,इनका मानना है कि आज वो जो भी कुछ हैं असदउद्दीन ओवैसी के कारण से हैं,उनके बेशुमार एहसानात हैं।

मिर्ज़ा रहमत बेग ने बताया कि 2004 में असदउद्दीन ओवैसी ने उन्हें फोन करके कहा कि वो सैयद अहमद पाशा क़ादरी साहब की गाड़ी चलाएँ, जो इन्होंने 2004 से 2014 तक चलाई है।

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