सुनी हैं आपकी बातें हज़ारों बार जब हमने , हमारी भी आवाज़ें आप सुन लेते तो अच्छा था :कुमार विश्वास

नई दिल्ली: आने वाले लोकसभा चुनाव से ‘मोदी सरकार’ और कांग्रेस की ‘मनमोहन सरकार’ के कामकाजों की तुलना की जा रही है। इस मौके पर सरकार के फैसलों के अलावा प्रधानमंत्रियों के काम करने के तरीके पर भी बात हो रही है। भारतीय जनता पार्टी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन के स्वभाव को लेकर हमेशा ताना कस्ती रही है,उनको उलटे सीधे नामों से पुकारती रही है। कांग्रेस भी इन दिनों बीजेपी पर प्रेस के सवालों का सामना नहीं करने का आरोप लगा रही है। इसी कड़ी में कवि कुमार विश्वास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किया है। ट्विटर पर उन्होंने एक निजी चैनल की जानकारी को साझा करते हुए लिखा कि सुनी हैं ”आपकी बातें हजारों बार हमने, हमारी भी आवाजें आप सुन लेते तो अच्छा था.”

दरअसल राहुल गाँधी ने मोदी जी को जब से प्रेस कॉन्फ्रेंस ना करने का ताना दिया है , बल्कि प्रेस कॉन्फ्रेंस ना करने के और मीडिया से मोदी के भागने के सच को बयान किया है तब से प्रधानमंत्री मोदी सवालों के घेरे में हैं। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पीएम मोदी का मुक़ाबला करते हुवे बताया कि मोदी मीडिया के सवालों से बचते हुए नजर आए हैं। उनके ट्वीट के मुताबिक़ अपने कार्यकाल में मनमोहन सिंह ने 2 बार प्रेस कांफ्रेंस का सामना किया था तो वहीं पीएम मोदी इससे दूर ही नजर आए. एडिटर कांफ्रेंस में सिंह ने दो बार शिरकत की जबकि पीएम मोदी ने एक बार भी नहीं गए. विदेशी दौरों पर सवाल-जवाब का सामना करने के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री सिंह आगे दिखाई दिए. विदेशी दौरे पर इंटरनेशनल मीडिया के सवालों का सामना मनमोहन सिंह ने 8 बार किया है जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा एक बार भी नहीं किया। मोदी जी ने बस अपने मन की बात की है लेकिन न कभी प्रेस का सामना किया है ना ही जनता के सवालों का।

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