दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, सुदर्शन टीवी शो के प्रसारण पर लगाई रोक

नई दिल्ली : नफरत फैलाने में माहिर सुदर्शन टीवी के संपादक ने एक प्रोमो रिलीज़ किया था जिसमें UPSC क्लियर करने वाले मुस्लिमों को जिहादी बताया गया था। जिसमे कहा गया था कि वह अपने शो के ज़रिए नौकरशाही में मुस्लिमों की घुसपैठ का बड़ा खुलासा करेगा। उसने जामिया के छात्रों को भी जिहादी बताया था। जिसके बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पूर्व छात्रों द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई। आज हाईकोर्ट ने “मुस्लिमों की घुसपैठ” पर आधारित सुदर्शन न्यूज चैनल के ट्रेलर के प्रसारण पर रोक लगा दी है। जस्टिस नवीन चावला की पीठ ने तत्काल सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है।

याचिकाकर्ताओं ने सुदर्शन न्यूज पर “बिंदास बोल” नामक कार्यक्रम के प्रस्तावित प्रसारण को प्रतिबंधित करने की मांग की थी, जिसे आज रात 8 बजे प्रसारित किया जाना था , जिसमें कथित तौर पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया, इसके पूर्व छात्रों और मु‌स्लिम कम्युनिटी के खिलाफ नफरत फैलाने, हमला करने और उकसाने वाली सामग्री शामिल थी ।

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने पत्रकार सुरेश चव्हाणके के शो का ट्रेलर देखा है, और यह आरोप लगाया है कि चव्हाणके जामिया मिल्लिया इस्लामिया और मुस्लिम समुदाय के छात्रों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है उसमें यह भी कहा गया है कि ट्रेलर के साथ प्रस्तावित प्रसारण केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम के तहत निर्धारित प्रोग्राम कोड का उल्लंघन करता है, जिसे केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994 के साथ पढ़ा जाता है। प्रस्तावित प्रसारण और ट्रेलर में अभद्र भाषा और आपराधिक मानहानि भी होती है और यह भारतीय दंड संहिता की धारा 153A (1), 153B (1), 295A और 499 के तहत अपराध है।

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