पेट्रोल-डीजल से 23 लाख करोड़ वसूलने वाली बीजेपी सरकार 71,198 करोड़ के लिए UPA को जिम्मेदार ठहरा रही है!

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भारत सरकार बीते कुछ महीनों से पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी कर रही है। जिसके चलते महंगाई बढ़ने से लोगों का जीना दुस्वार होता जा रहा है।

गरीब वर्ग के लोग अपना पेट पालने के लिए रोज का सामान भी खरीदने में असमर्थ हो रहे हैं। विपक्षी दलों और आम जनता द्वारा मोदी सरकार से पेट्रोल डीजल की कीमतों में कटौती किए जाने की मांग की जा रही है।

ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने घोषणा की है कि फिलहाल पेट्रोल डीजल की कीमतों को कम किए जाने की गुंजाईश नहीं है।

वित्त मंत्री निर्मला ने इंधन के आसमान छू रही कीमतों के लिए पूर्व की UPA सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

निर्मला सीतारमण का कहना है कि यूपीए सरकार ने पेट्रोल डीजल की कीमतों को कम करने के लिए 1.44 लाख करोड रुपए के आयल बांड्स जारी किए थे।

अब हमारी सरकार UPA सरकार द्वारा इस्तेमाल किए गए गलत तरीके की तरह पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम नहीं कर सकती।

इस मामले में कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि ‘प्रिय निर्मला सीतारमण जी, लगता हैं भूल गयीं कि आप विपक्ष में नहीं 7 साल से सरकार में हैं।

आयल बांड लोगों का बोझ कम करने के लिए थे आपने, पेट्रोल-डीज़ल पर 23 लाख करोड़ से ऊपर वसूला है। और 71,198 करोड़ (मात्र 3.5%) बांड के मूल और ब्याज में दिया है। जनता मूर्ख नहीं है।

दरअसल वित्त मंत्री निर्मला का कहना है कि उन्हें तत्कालीन UPA सरकार द्वारा जारी किए गए आयल बांड्स का भुगतान करना पड़ रहा है।

वहीँ कांग्रेस का कहना है कि 1.3 लाख करोड़ रुपए के आयल बांड्स इतने ज्यादा समय तक पेमेंट के लिए ड्यू नहीं है।

मोदी सरकार ने बीते 7 सालों में इसकी तुलना में कई गुना ज्यादा रुपए जुटाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि मोदी सरकार को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर हर हफ्ते 7000 करोड रुपए मिल रहे हैं।

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