औरत की इज़्ज़त, किसान की फ़सल ओर सैनिक की जान को छोड़ कर सब कुछ महँगा है इस देश में:बॉक्सर विजेंदर

नई दिल्ली :केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्‍ली की कईं सी’माओं पर किसानों का विरो’ध प्रदर्शन 47 दिनों से जारी है। सरकार और किसान नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता के बाद भी कोई समा’धान नहीं निकला है।

ऐसे में किसानों का समर्थन करते हुए पेशेवर बॉक्सर विजेंदर सिंह ने एक ट्वीट किया है। विजेंदर ने कहा की सब महंगा है इस देश में बस किसान की फसल सस्ती है।

पेशेवर बॉक्सर ने ट्वीट कर लिखा “औरत की इज़्ज़’त, किसान की फ़सल ओर सै’निक की जा’न को छो’ड़ कर सब कुछ महँगा है इस देश में।” उनके इस ट्वीट को लेकर कुछ लोगों ने ट्रो’ल भी किया है। एक यूजर ने लिखा “जिस पेड़ की छांव में सं!स लेते हैं उसकी जड़ों को नहीं का’टा करते, बड़े भाई।”

एक यूजर ने लिखा “ड्र’ग्स भी महं’गा है सर, जिसे लाते हुए आप पकड़े गए थे।” रवि राणा नाम के एक यूजर ने कहा “बात तो आपने सत्य कहीं बड़े भाई । बस दुख यही है 70 साल आपकी पार्टी के महान नेताओ ने देश की कमान संभाली। उसके बाद भी आज यह बात बोलने की आपको नौबत आन पड़ी है।”

यह पहली बार नहीं है जब विजेंदर सिंह ने किसान आंदो’लन को लेकर कुछ ट्वीट किया है। विजेंदर ने लिखा था “लोगो को अमे’रिका की चिं’ता है वहाँ क्या हो रहा है हमारे देश के किसान इतनी ठं’ड में सड़को पर है उस की चिं’ता भी कर लो।”

बता दें सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को किसान आंदो’लन को लेकर हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को क’ड़ी फट’कार लगा’ते हुए कृषि का’नूनों पर रो’क लगाए जाने के सं’केत दिए। कोर्ट ने कृषि कानू’नों को लेकर कमेटी की जरूरत को बताते हुए कहा कि अगर समिति ने सुझाव दिया तो, वह इसके क्रियान्वयन पर रोक लगा देगा।

मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने आर. एम. लोढ़ा सहित सभी पूर्व सीजेआई के नाम कमेटी के अध्यक्ष पद के लिए भी दिए। कोर्ट ने कहा, ”हम, हमारे द्वारा नियुक्त की जाने वाली कमेटी के जरिए से कृषि का’नूनों की समस्या के समा’धान के लिए आ’देश पा’रित करने का प्रस्ता’व कर रहे हैं।”

हालांकि, केंद्र सरकार ने कहा कि कमेटी के लिए वह नाम सुझाएंगे। माना जा रहा है कि कल सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई आदेश दे सकता है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सर’कार उसे संयम पर भाषण न दे।

मालूम हो कि शीर्ष अदालत प्रद’र्शन कर रहे किसान संगठनों के साथ सर’कार की बातचीत में गतिरो’ध बर’करार रहने के बीच नए कृषि का’नूनों को चुनौ’ती देने वाली कई याचि’काओं और दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसा’नों के प्रद’र्शन से जुड़ी याचि’काओं पर सोमवार को सुन’वाई कर रही थी।

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