दिल्ली दंगा मामले में कोर्ट ने देवांगना कलिता, नताशा नरवाल, आसिफ इकबाल को दी जमानत

किसी भी वीडियो को डाउनलोड करें बस एक क्लिक में 👇
http://solyptube.com/download

दिल्ली उच्च न्यायालय जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र एवं दिल्ली दंगा मामले में आरोपी आसिफ इकबाल तन्हा, देवांगना कलिता, नताशा नरवाल की जमानत याचिका पर मंगलवार को फैसला सुनाएगा। तन्हा के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल एवं न्यायमूर्ति ए जे भाम्भनी की पीठ ने बीते 18 मार्च को तन्हा की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। तन्हा ने निचली अदालत के 26 अक्तूबर 2020 के उस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है जिसमें निचली अदालत ने तन्हा को जमानत देने से इनकार कर दिया था। निचली अदालत ने कहा था कि पुलिस के मुताबिक तन्हा का उत्तर-पूर्वी में भड़के साम्प्रदायिक दंगों में तन्हा की भूमिका सामने आई है। वह इन दंगोंं के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल है। अदालत ने इसी को आधार बनाते हुए तन्हा को जमानत देने से इनकार कर दिया था। हालांकि उच्च न्यायालय ने बीते चार जून को तन्हा को दो हफ्ते की अंतरिम जमाानत दे दी थी।

जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस ए.जे. भंभानी की बेंच ने निचली अदालत के इन्हें जमानत ना देने के आदेश को खारिज करते हुए तीनों को नियमित जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने पिंजरा तोड़ एक्टिविस्ट नताशा नरवाल, देवांगना कालिता और तन्हा को अपने-अपने पासपोर्ट जमा करने, गवाहों को प्रभावित न करने और सबूतों के साथ छेड़खानी न करने का निर्देश भी दिया।

बता दें कि नताशा नरवाल, इकबाल तन्हा और देवांगना कलीता को संशोधित नागरिकता कानून के विरोध के दौरान उत्तरपूर्वी दिल्ली में दंगे भड़के के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इन दंगों में 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे और 53 लोग मारे गए थे।

दिल्ली हाईकोर्ट ने पढ़ाई के लिए इकबाल तन्हा को 13 जून से 26 जून तक के लिए अंतरिम जमानत दी है। 15 जून से शुरू होने वाली परीक्षा की तैयारी इकबाल तन्हा दिल्ली में ही एक होटल में रहकर करेगा। हाईकोर्ट ने 4 जून को तन्हा को 13 से 26 जून तक दो सप्ताह के लिए हिरासत में अंतरिम जमानत दी, ताकि वह 15 जून से होने वाली परीक्षाओं के मद्देनजर अध्ययन करने और परीक्षा में शामिल होने के लिए यहां एक होटल में रह सके।

दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका का विरोध किया था और दलील दी थी कि दंगे पूर्व नियोजित थे और एक साजिश रची गई थी, जिसमें आसिफ इकबाल एक हिस्सा था। आज मंगलवार को ही डिविजन बैंच ने नियमित याचिका पर फैसला सुनाया है।

आसिफ इकबाल की याचिका पर मार्च के महीने में ही इकबाल की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। दरअसल 26 अक्टूबर 2020 को निचली अदालत ने इकबाल को जमातन देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती गई। दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल एवं न्यायमूर्ति A J भाम्भनी की पीठ मामले की सुनवाई की और आज नियमित जमानत इकबाल को दे दी गई।

निचली अदालत ने कहा था कि पुलिस के मुताबिक उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़के सम्प्रदाय दंगों में आसिफ इकबाल की भूमिका थी। और वो मुख्य साचिशकर्ताओं में शामिल था। इसी आधार पर उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया था।

Donate to JJP News
जेजेपी न्यूज़ को आपकी ज़रूरत है ,हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं,इसे जारी रखने के लिए जितना हो सके सहयोग करें.

Donate Now

अब हमारी ख़बरें पढ़ें यहाँ भी
loading...