आर्थिक रिफॉर्म पॉलिसी यह देश की संपत्ति है, मोदी की संपत्ति नहींः ममता बनर्जी

किसी भी वीडियो को डाउनलोड करें बस एक क्लिक में 👇
http://solyptube.com/download

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला है. बनर्जी ने बुधवार को केंद्र सरकार की नई आर्थिक रिफॉर्म पॉलिसी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह देश की संपत्ति है मोदी की संपत्ति नहीं है और मोदी इसे नहीं बेच सकते.

मोदी सरकार पर बरसते हुए ममता ने कहा कि ये भाजपा का मामला नहीं है. हम आश्चर्यचकित हैं और पूरा देश इसके विरोध में खड़ा होगा. बनर्जी ने ये भी कहा कि भाजपा देश की संपत्ति बेच कर अपना रिजर्व बढ़ा रही है और चुनाव लड़ रही है. ममता ने कहा कि यह देश की संपत्ति है मोदी की संपत्ति नहीं है और मोदी इसे नहीं बेच सकते.

दरअसल, ममता बनर्जी ईस्ट बंगाल क्लब के मुद्दे पर एक मीटिंग कर रही थीं. इस मीटिंग के बाद ममता बनर्जी ने घोषणा की है, कि ईस्ट बंगाल क्लब का मुद्दा सुलझ गया है और अब ईस्ट बंगाल इस साल होने वाले ISL में खेल पाएगा. इस के बाद ममता बनर्जी से जब पत्रकारों ने नई आर्थिक सुधार नीति के बारे में पूछा तो उन्होंने पूरा गुस्सा मोदी सरकार पर उताड़ दिए.

सिर्फ ममता बनर्जी ही नहीं बल्कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) प्रोग्राम पर नाराजगी जाहिर की. राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर इस योजना के जरिए देश के सरकारी संसाधानों को बेच डालने का आरोप लगाया.

राहुल गांधी ने मंगलवार को पीसी में कहा कि 70 साल में जो भी देश की पूंजी बनी, मोदी सरकार ने उसे बेचने का काम किया है. उन्होंने कहा कि रेलवे को निजी हाथों में बेच दिया जा रहा है. मोदी सब कुछ बेच रहे हैं.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा का नारा था कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ. कल वित्त मंत्री ने देश में जो भी 70 वर्षों में बना, उसे बेच दिया. देश के युवाओं से मोदी ने रोजगार छीना, कोरोना में मदद नहीं की, किसानों के लिए तीन कृषक कानून बनाए. राहुल ने कृषि कानूनों पर भी मोदी को घेरा.

क्या है नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन योजना!
मोदी सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे रूट, स्टेडियम, वेयरहाउस, पावर ग्रिड पाइपलाइन जैसी सरकारी संपत्तियों को अब कमाई के लिए निजी क्षेत्र को लीज पर देकर 6 लाख करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में जुटी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) प्रोग्राम की शुरुआत की थी.

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा था कि इन संपत्तियों का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा, बस इन्हें कमाने के लिए ही पार्टियों को दिया जाएगा. कुछ साल के बाद ये प्राइवेट कंपनियां इसे सरकार को वापस कर देंगी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी दल के नेता मोदी सरकार के इस फैसले का व्यापक स्तर पर विरोध कर रहे हैं.

Donate to JJP News
जेजेपी न्यूज़ को आपकी ज़रूरत है ,हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं,इसे जारी रखने के लिए जितना हो सके सहयोग करें.

Donate Now

अब हमारी ख़बरें पढ़ें यहाँ भी
loading...