जेल की सलाखें भी नहीं डिगा पाईं छात्र नेताओं के हौसले, रिहाई के बाद लगाए इंकलाब ज़िंदाबाद के नारे

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नई दिल्ली: दिल्ली दंगा एवं यूएपीए के तहत जेल में बंद जामिया के रिसर्च स्कॉलर आसिफ इक़बाल,पिंजड़ा तोड़ कार्यकर्ता नताशा नरवाल एवं देवांगना कलिता ज़मानत पर जेल से रिहा कर दिए गए।
तिहाड़ से रिहाई के बाद आसिफ इकबाल ने कहा कि एनआरसी के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।उन्होंने कहा कि यह लड़ाई हमारी पहचान की है और यह लड़ाई इसी तरह जारी रहेगी।जामिया मिलिया इस्लामिया से हमने जो आंदोलन शुरू किया था वह आंदोलन चलता रहेगा। पत्रकार द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुझे सिर्फ अल्लाह से डर लगता है,उन्होंने बहुत लोगों को जेल में डाला लेकिन जेल में जाने से हमें डर नहीं लगता और ना ही जेल में डाल कर वो हमारी हिम्मत को तोड़ पाए।हम सच्चाई के साथ हमेशा खड़े रहेंगे।
आपको बता दें बीते साल दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में बहुत सारे एक्टिविस्ट को जेल में डाला गया था। जिनमें से जमानत मिलने के बाद आसिफ इकबाल, नताशा अग्रवाल और देवांगना कलिता देर शाम तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया।
बाहर निकली नताशा अग्रवाल ने कहा कि जेल में हमें ज़बरदस्त सहयोग मिला, हम अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

रिहाई के बाद “इंकलाब ज़िंदाबाद” और “सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है ज़ोर कितना बाज़ु ए कातिल में है” जैसे नारों से समा गूंज उठा।


साथ ही रिहा हुए तीनों एक्टिविस्ट ने अपने साथियों शरजील इमाम,मीरान हैदर,इशरत जहां,खालिद सैफी,उमर खालिद आदि को रिहा करने के नारे लगाए।

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