फेसबुक, अमेजन, गूगल और एपल के प्रमुख की अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेशी,क्या भारत में भी अम्बानी ,अडानी के साथ ऐसा हो सकता है

GAFA की अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेशी है यह गूगल, एप्पल, फेसबुक और अमेजन के पहले अक्षरों के प्रयोग से बना संक्षिप्त नाम है,
फेसबुक, अमेजन, गूगल और एपल के विशाल आकार और बाजार पर उनके एकाधिकार को लेकर सवाल उठ रहे हैं फेसबुक के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग, अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस, एपल के प्रमुख टिम कुक और गूगल के प्रमुख सुंदर पिचई की बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेशी है जिसमे उसने यह सवाल पूछा जाएगा कि क्या उनकी कंपनियां बाजार में अपनी ताकत का बेजा इस्तेमाल करती हैं?। ऐसा भी कहा जा रहा है कि दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियां काफी विशाल हो गई हैं। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा घट रही है। ………वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अपनी-अपनी कंपनियों की तरफ से सफाई देंगे।
कैम्ब्रिज एनेलेटिका वाले प्रकरण में हम देख चुके है कि कैसे फेसबुक के माध्यम से भारत जैसे विकासशील देशो में जनमत निर्माण में वह अपनी भूमिका निभाते है

कोरोना काल में जहा पुरे विश्व की अर्थव्यवस्था गोते खा रही है लेकिन इन कम्पनियो के मालिकों की सम्पत्ति में बेतहाशा इजाफा हो रहा है इनके शेयर नित नई ऊंचाईयों को छू रहे हैं,
GAFA की भूमिका को हमे ध्यान से देखना होगा बनाए हैं, गूगल फेसबुक कोविड के भय को बेतहाशा बढ़ाने वाली सामग्री लोगों को परोस रहे है वही इसके पैनिक को कम करने वाली सामग्री को दबाया जा रहा है यह सब वैज्ञानिक सोच के प्रचार प्रसार के नाम पर किया जा रहा है दुनिया के सूचना-तंत्र के लगभग 95 फीसदी हिस्सा को गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक और ट्वीटर कंट्रोल कर रहा है, यह बहुत खतरनाक है इसी सबको अमरीकी कांग्रेस में डिसकस किया जा रहा है भारत में तो आप मुकेश अम्बानी या गौतम अडानी को संसदीय समिति के सामने बुलाने की कल्पना भी नहीं कर सकते। ……जबकि टेलीकॉम और पेट्रोकेमिकल में अम्बानी का एकाधिकार है और पोर्ट्स एयरपोर्ट पावर सेक्टर एडिबल ऑयल जैसे सेक्टर में अडानी का एकाधिकार है। ……….

(गिरीश मालवीय के वॉल से साभार लिया गया है )

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