अहमदाबाद ;गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की 160 उम्मीदवारों की सूची पर हिंदुत्व की छाप स्पष्ट नजर आती है। पार्टी ने इस चुनाव में अपनी 35 से 40 सीट बचाने के लिए विश्व हिंदू परिषद के पुराने नेताओं, स्वामीनारायण संप्रदाय वडताल धाम, पाटीदार कुलदेवी ट्रस्ट खोडलधाम, उमियाधाम से जुड़े लोगों को टिकट दिया है।
जंबूसर से डी के स्वामी को टिकट मिला है जो कि गुरुकुल चलाते हैं। यह सीट कांग्रेस के कब्जे में है। कच्छ में कभी विहिप का चेहरा रहे दिवंगत अनंत दवे के भतीजे अनिरुद्ध दवे को मांडवी से, करजण से विहिप नेता अक्षय पटेल को टिकट मिला है। खोडलधाम के मुख्य ट्रस्टी नरेश पटेल के कांग्रेस में शामिल होकर मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने की अटकलें लगी थीं लेकिन उनके करीबी ट्रस्टी रमेश टिलाला को राजकोट दक्षिण से टिकट मिला है।
नरेश पटेल ने गत दिनों ही केंद्रीय मंत्री शाह से अहमदाबाद में मुलाकात कर उनके टिकट की सिफारिश की थी। उमियाधाम अमरेली के ट्रस्टी जनकभाई तलाविया को लाठी सीट से टिकट दिया गया है। भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता यह भी आरोप लगा रहे हैं कि 160 प्रत्याशियों में बड़ी संख्या में कांग्रेस से आयातित नेता हैं।
मार्च 1995 में केशुभाई पटेल के नेतृत्व में पहली भाजपा सरकार का गठन हुआ तब से ही भाजपा ने किसी मुस्लिम चेहरे को टिकट नहीं दिया। 2002, 2007, 2012 व 2017 का विधानसभा चुनाव हो या 2004, 2009, 2014 व 2019 का लोकसभा चुनाव, एक भी मुस्लिम चेहरा भाजपा का उम्मीदवार नहीं बन सका।
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