सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया गया, तो 12% ब्याज के साथ देना पड़ सकता है वेतन : उच्च न्यायालय

आंध्र प्रदेश: उच्च न्यायालय ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि सरकारी कर्मचारी अपना वेतन और पेंशन पाने के हक़दार हैं। अगर सरकार वेतन देने में देरी करेगी तो सरकार को उचित ब्याज के साथ पेंशन और वेतन देना पड़ सकता है।

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने फैसले में कहा राज्य में सेवा देने के कारण कर्मचारियों को वेतन प्राप्त होता है। सरकारी कर्मचारी वेतन प्राप्त करने के हकदार हैं और यह कानून के अनुसार देय है। इसी तरह पेंशन का भुगतान भी राज्य को प्रदान की गई पिछले कई वर्षों की सेवा के लिए होता है। इसलिए कर्मचारियों का वेतन रोकना ठीक नहीं है। राज्य सरकार को सही समय पर वेतन और पेंशन देनी चाहिए।

न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने दायर याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से मार्च-अप्रैल 2020 के स्थगित वेतन का भुगतान 12 % प्रति वर्ष की ब्याज दर से तथा समान ब्याज दर के साथ मार्च 2020 के महीने के लिए रोकी गई पेंशन का भुगतान करने के लिए कहा।
राज्य सरकार ने इस फैसले को दी चुनौती में केवल ब्याज दर के मुद्दे तक सीमित रखा।
राज्य ने तर्क दिया कि राज्य ने वेतन और पेंशन के भुगतान को स्थगित करने का निर्णय इसलिए लिया था क्योंकि राज्य ने स्वयं को कोरोना महामारी के कारण अनिश्चित वित्तीय स्थिति में पाया था। ऐसे में राज्य को ब्याज का भुगतान करने के दायित्व देना सही नहीं होगा

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