इस सप्ताह में तीसरे बीजेपी विधायक TMC में हुए शामिल !

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा को एक और झटका देते हुए उत्तरी बंगाल के कालियागंज से पार्टी के विधायक सुमन रॉय शनिवार को सत्ताधारी TMC में शामिल हो गए.

खबर के मुताबिक , बीते तीन दिनों में बीजेपी के तीसरे और इस साल मई में विधानसभा चुनावों में लगातार तीसरी बार TMC के सत्ता में आने के बाद चौथे बीजेपी विधायक हैं, जिन्होंने अपना पाला बदल लिया है.

पश्चिम बंगाल के मंत्री और TMC महासचिव पार्था चटर्जी ने कहा, रॉय ने हमारी पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से संपर्क किया और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से भी बातचीत की.

बीते 31 अगस्त को उत्तर 24 परगना जिले के बागदा से बीजेपी विधायक बिस्वजीत दास TMC में शामिल हो गए थे. TMC के टिकट पर दो बार विधायक रहे दास 2019 में बीजेपी में शामिल हुए थे. वह 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर जीते थे.

पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा था, मुझे बीजेपी में कभी भी सुखद अनुभूति नहीं हुई. मैं बहुत पहले ही TMC में लौटना चाहता था. बीजेपी ने बंगाल के लिए कुछ नहीं किया. यह बाहरियों का दल है और उसे राज्य के लोगों के पल्स की समझ नहीं है.

बिस्वजीत दास ने कहा था कि उन्होंने गलतफहमी के चलते 2019 में TMC छोड़ी थी. उन्होंने कहा, ‘तब TMC के साथ कुछ गलतफहमी थी. यदि मैं पार्टी नहीं छोड़ता तो बेहतर होता. लेकिन यह मेरे लिए घर वापसी जैसा है.

बीते 30 अगस्त को एक अन्य बीजेपी विधायक तन्मय घोष TMC में लौट गए थे. बिष्णुपुर से नेता घोष विधानसभा चुनाव से पहले पाला बदल कर बीजेपी में चले गए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा प्रतिशोध की राजनीति में लिप्त है.

तन्मय घोष पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले मार्च में TMC छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे. घोष TMC की युवा इकाई के बांकुड़ा जिले के बिष्णुपुर शहर के अध्यक्ष और स्थानीय नगर निकाय के पार्षद भी थे.

तन्मय घोष का पार्टी में स्वागत करते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने दावा किया था कि त्रिपुरा के बीजेपी विधायक भी TMC के संपर्क में हैं. उन्होंने कहा था, जब ममता बनर्जी त्रिपुरा में कदम रखेंगी, तो सुनामी आएगी. उस राज्य के बीजेपी नेता इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं. ब्रात्य बसु ने आरोप लगाया था, ‘बीजेपी के नेतृत्व में त्रिपुरा खौफ की घाटी में तब्दील हो गया है.

इससे पहले जून में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे मुकुल रॉय वापस TMC में लौट गए थे.

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि भगवा खेमे के कई नेता TMC के संपर्क में हैं और सत्तारूढ़ दल में आने को इच्छुक हैं. TMC में शामिल होने के बाद मुकुल रॉय और बिस्वजीत दास दोनों ने संकेत दिया कि निकट भविष्य में कई और बीजेपी विधायक TMC पार्टी में शामिल हो सकते हैं.

विधायकों के दल-बदल करने पर प्रदेश भरतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा था कि जिन्होंने पाला बदला है, वे वाकई कभी उनकी पार्टी की विचारधारा एवं सिद्धांतों को अपना ही नहीं पाए.

उन्होंने कहा था, हमने उन सभी का स्वागत किया जो TMC के खिलाफ लड़ने को इच्छुक थे. चूंकि हम सत्ता में नहीं आए इसलिए शायद उन्होंने महसूस किया कि उन्हें TMC में लौट जाना चाहिए. यह उन्हें तय करना है कि वे किसका हिस्सा रहना चाहते हैं, लेकिन पाला बदलने के बाद बीजेपी विधायक के तौर पर इस्तीफा दे देना चाहिए.

इतना ही नहीं बीते एक सितंबर को बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई ने इस सप्ताह की शुरुआत में TMC में शामिल हुए अपने दो विधायकों बिस्वजीत दास और तन्मय घोष को धमकी दी थी कि यदि उन्होंने सात दिन में विधानसभा से इस्तीफा नहीं दिया कि तो वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी.

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा था, हमने दोनों विधायकों को पत्र भेजा है और उनसे अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है. अन्यथा, हम कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे. TMC को हमें पहले के विपक्षी दलों की तरह समझने की भूल नहीं करनी चाहिए. यह बीजेपी है और हम उनके सामने नहीं झुकेंगे.

बता दें कि हालिया विधानसभा चुनाव में TMC ने 213 सीटों और बीजेपी ने 77 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि, जब दो विधायकों ने अपनी लोकसभा सीट बरकरार रखने के लिए शपथ लिए बिना इस्तीफा दे दिया था, तब बीजेपी के कुल 75 विधायक ही रह गए थे.

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