बुरी तरह फांसी कंगना ,लगातार बढ़ती जा रही हैं मुश्किलें,नफरत फैलाने के आरोप में कोर्ट ने दिया FIR दर्ज करने का आदेश

मुंबई :बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आज बांद्रा की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मुंबई पुलिस को बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और उनकी मैनेजर बहन रंगोली चंदेल पर सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने के आरोप में केस दर्ज करने का आदेश दिया है। बांद्रा की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने यह आदेश प्राइवेट याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।फिटनेस ट्रेनर मुन्नवर अली सैयद ने कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल के खिलाफ याचिका दायर की थी। मुनव्वर अली सैयद ने कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल पर ट्विटर और इंटरव्यू के माध्यम से सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया था।।

याचिकाकर्ता ने कंगना रनौत पर ट्वीट और इंटरव्यू के माध्यम से बॉलीवुड को बदनाम करने और कलाकारों के बीच में धार्मिक दरार पैदा करने का आरोप भी लगाया था। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कंगना रनौत के मुंबई को पीओके कहने वाले बयान का भी हवाला दिया था। याचिकाकर्ता ने कंगना पर ट्वीट और इंटरव्यू के माध्यम से सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए इस मामले में पुलिस जांच की मांग की थी।

याचिका पर सुनवाई करते हुए मेट्रोपॉलिटयन मजिस्ट्रेट जयदेव‌ खुले ने कहा कि पहली नजर में ऐसा लग रहा है कि आरोपियों ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने की कोशिश की है। फिर भी इस मामले में‌ विशेषज्ञ द्वारा जांच की जरूरत है। इसके बाद मेट्रोपॉलिटयन मजिस्ट्रेट जयदेव खुले कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।

आज सुबह भी कंगना रनौत ने पेरिस घटना के बाद अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए लिखा “हिंदुओं की जिंदगी मायने नहीं रखती, पश्चिमी देश द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 5-6 मिलियन यहूदियों के नरसंहार पर आज भी फिल्में बना रहे हैं। इसलिए यह घटना दोबारा नहीं हुई‌। हमें नहीं पता कि सैकड़ों वर्ष की गुलामी में कितने हिंदुओं का नरसंहार हुआ। यह आंकड़ा द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान यहूदियों के नरसंहार से 100 गुना भी हो सकता है।”

इससे पहले केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को लेकर ट्वीट के लिए कर्नाटक के तुमकुरु जिले की एक अदालत ने कंगना रनौत पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। कंगना रनौत के इस ट्वीट की देशभर के किसान संगठनों ने खूब आलोचना की थी।

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