सच्चाई जानने के लिए भास्कर के रिपोर्टर्स श्मशान और मुर्दाघरों में लाशें गिनते रहे, अब सरकार की रेड पड़ी- वर्ल्ड मीडिया

किसी भी वीडियो को डाउनलोड करें बस एक क्लिक में 👇
http://solyptube.com/download

नई दिल्ली : जुनैद मलिक अत्तारी , देशभर में दैनिक भास्कर के कार्यालयों पर आयकर विभाग की छापेमारी की खबर अब वर्ल्ड मीडिया में भी पहुंच गई है। इस मामले पर पहले ही देश की संसद में चले रहे मानसून सत्र की कार्यवाही को ठप करना पड़ा है। अब विदेशी मीडिया में भी ये खबर फैल रही है। विदेशी मीडिया का कहना है कि दैनिक भास्कर बीते कुछ महीनों से आम लोगों के लिए जरूरी खबरें प्रकाशित कर रहा था। अमेरिका के वॉशिंगटन पोस्ट ने हेडलाइन में लिखा, ‘जरूरी कवरेज करने के कुछ महीनों के भीतर ही अखबार पर इनकम टैक्स का छापा पड़ गया। पूरी खबर देते हुए वॉशिंगटन पोस्ट ने कहा- भारत के सबसे प्रमुख अखबार पर छापे की वजह कोरोना काल के दौरान की गई जरूरी कवरेज है। भारत के पत्रकार और राजनीतिक ह‌स्तियों के हवाले कहा कि सरकार की सच्चाई उजागर करने के बाद भास्कर पर छापा डाला गया है। वॉशिंगटन पोस्ट ने छापे को लेकर टैक्स ‌अथॉरिटी की प्रवक्ता सुर‌भि अहलूवालिया से भी बात की, लेकिन छापा डालने का वजह पूछे जाने पर उन्होंने कुछ भी कहने से मना दिया। भारत में मौजूद अपने सूत्रों के हवाले से वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा- ये कार्रवाई भास्कर की ओर से सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और सरकार के बारे में कवरेज के चलते की गई है। वॉशिंगटन पोस्ट ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के बयान को भी जगह दी है। प्रेस क्लब आॅफ इन्डिया ने कहा है कि ऐसी कार्रवाई और सरकारी एजेंसियों के जरिए सरकार मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला करती है। इस मामले पर यूरोप के प्रतिष्ठित मीडिया संस्‍थान दी गॉर्जियन ने लिखा- कोरोनाकाल में सरकार के तरीकों पर सवाल खड़ा करने वाले अखबार पर टैक्स रेड के जरिए निशाना साधा। खबर में लिखा कि भारत के सबसे ज्यादा मशहूर अखबार ने कोरोनाकाल के दौरान सरकार की कमियों पर आलोचनात्मक रुख रखा था। इसमें माहामारी के दौरान लगातार आंकड़ों के साथ रिपोर्ट्स पब्लिश की। अब संस्‍थान पर छापे हैं, जिसके पीछे सच्ची पत्रकारिता को वजह बताया जा रहा है। दी गार्जियन ने अपनी खबर में भास्कर पर रेड पड़ने की खबर में वो सारी बातें लिखी हैं, जिनकी चर्चा है। इसमें उसने बताया है कि कैसे दैनिक भास्कर बीते कुछ समय में ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों, अस्पतालों में बेड की कमी से होने वाली मौतों, गंगा में तैरती हजारों  लाशों के सही आंकड़े छापे हैं। यहां तक कि सही जानकारी के लिए भास्कर के रिपोटर्स कई सप्ताह तक श्मशान और अस्पताल के मुर्दाघर में पड़े रहे। उन्होंने मौतों के सही आंकड़े जुटाए और लोगों के सामने पेश किया। इससे कई राज्यों की सरकारों और केंद्र सरकार के दावों की पोल-पट्टी खुली और उनकी साख को झटका लगा। भारत का एक बड़ा वर्ग आरोप लगा रहा है कि ये कार्रवाई उसी सच्ची रिपोर्ट‌िंग का नतीजा है। इंटरनेशनल मीडिया हाउस डायचे वैले यानी डी डब्ल्यू ने दैनिक भास्कर पर रेड पड़ने की खबर को सीधे तौर पर हालिया जासूसी वाले मामले से जोड़कर प्रकाशित किया है। डी डब्ल्यू ने लिखा कि कोरोनाकाल के दौरान दैनिक भास्कर की रिपोर्ट‌िंग और हाल ही में फोन टैपिंग को लेकर दैनिक भास्कर की ओर से प्रकाशित की गई खबरों के बाद आईटी का छापा पड़ा है। अलजजीरा ने लिखा कि टैक्स अधिकारियों ने भारत के एक प्रमुख अखबार दैनिक भास्कर पर छापा मारा है, जो कोरोना से निपटने में सरकार के कदमों को लेकर आलोचनात्मक रहा है। छापामारी करने आए अधिकारियों ने कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया है। खबर के मुताबिक भास्कर ने अप्रैल और मई में महामारी के दौरान रिपोर्ट्स की पूरी सीरीज चलाई थी। जिससे सरकार की काफी आलोचना हुई थी। मोदी सरकार पर पहले भी आलोचनात्मक रिपोर्टिंग को दबाने के आरोप लगते रहे हैं। 2021 की प्रेस फ्रीडम इंडेक्स के 180 देशों में भारत 142वें स्थान पर है। रिपोर्ट में आरफा खानम शेरवानी का एक ट्वीट लगा है जिसमें लिखा है कि जब-जब ये सरकार डरती है, एजेंसियों को आगे करती है। बीबीसी ने कहा कि सीबीडीटी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज) की प्रवक्ता सुरभि अहलूवालिया से छापेमारी के बारे में पूछा तो उन्होंने ये तो कहा कि खबर पुख्ता है, छापेमारी की जा रही है, लेकिन वजह पूछे जाने पर वह मुकर गईं। उन्होंने छापेमारी का कोई कारण नहीं बताया। बीबीसी ने अपनी खबर में भास्कर के उस ट्वीट को भी जगह दी, जिसमें भास्कर ने कहा है- भास्कर में चलेगी पाठकों की मर्जी। इसी खबर में बीबीसी ने भास्कर की गंगा में लाशों, मौत के सच्चे आंकड़े की रिपोर्ट‌िंग का भी जिक्र किया है।

Donate to JJP News
जेजेपी न्यूज़ को आपकी ज़रूरत है ,हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं,इसे जारी रखने के लिए जितना हो सके सहयोग करें.

Donate Now

अब हमारी ख़बरें पढ़ें यहाँ भी
loading...