आजकल रोज इंटरनेशनल बेज्जती करा रहे हैं हमारे प्रधानमंत्री

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आपको याद है कुछ महीने पहले वैक्सीन की 20 लाख खुराक मिलने पर ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने हनुमान की संजीवनी बूटी लेकर जाते हुए तस्वीर ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत का आभार जताया था इसे बीजेपी की आईटी सेल ने खूब प्रचारित किया था

आज उन्ही जायर बोलसोनारो पर भारत से वेक्सीन खरीद में घोटाले के आरोप लगे हैं। ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की है कि उनका देश भारत बायोटेक से कोवैक्सीन की 2 करोड़ खुराकों की खरीद वाले 32.4 करोड़ डॉलर के सौदे को रद्द कर रहा है। इससे पहले नेपाल में भी ऐसे ही भ्रष्टाचार की खबर आ चुकी है वहाँ के स्वास्थ्य मंत्री ने भी कमीशन बाजी की बात स्वीकार की है…….

ब्राजील के एक सीनेटर ने जायर बोल्सोनारो के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। इस मामले में उन पर वैक्सीन खरीद में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग की गई है। इसके बाद ब्राजील सरकार ने डील को रद्द करने का फैसला किया है।

तो वहीं दूसरी तरफ यदि आप यूरोप के किसी भी देश मे जा रहे हैं और आपने कोविशील्ड की दोनो डोज लगवा रखी है तो यह जान लीजिए कि यूरोप में आपको बिना वेक्सीन लगे व्यक्ति जैसा ही ट्रीट किया जाएगा आपको ‘सुरक्षा बलों की देखरेख में’ 10 दिन तक स्ट्रिक्ट क्वारंटाइन में रहना होगा,………. भारत बायोटेक की कोवेक्सीन को तो कोई मान्यता है ही नही इसलिए उसे तो आप भूल ही जाइये, लेकिन अब कोविशील्ड भी उसी केटेगरी में आ गयी है

यह व्यवस्था 1 जुलाई से पूरे यूरोप में लागू कर दी गई है दरअसल यूरोपीय देशो ने बिजनेस और पर्यटन के लिए यूरोपीय संघ के सभी सदस्य देशों में बिना बाधा के आवाजाही के लिए ग्रीन पास यानी वेक्सीन पासपोर्ट की व्यवस्था लागू की है इसमे एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन ‘वैक्सजेवरिया वैक्सीन’ को यूरोपियन यूनियन ने मंजूरी दी है। लेकिन सीरम की कोविशील्ड को नही

ऐसा क्यो हो रहा है यह पूछने पर यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) ने कहा कि वैक्सजेवरिया वैक्सीन की मंजूरी का मतलब ये नहीं है कि कोविशील्ड को भी मंजूरी दे दी गई है। एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन वैक्सजेवरिया यूके और यूरोप में तैयार किए गए हैं, जबकि एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड को भारत में बनाया गया है।

ईएमए के प्रेस अधिकारी वायलेट पाशोवा ने न्यूज 18 के मेल का जवाब देते हुए कहा, कोविशील्ड को वर्तमान में यूरोपीय संघ के नियमों के तहत स्वीकृत नहीं किया गया है। ईएमए ने कहा कि वैक्सीन एक बॉलोजिकल प्रोडक्ट है। छोटा सा अंतर भी इनके फाइनल रिजल्ट को इफेक्ट करता है। इसलिए हम बिना आकलन के कोई मंजूरी नहीं दे सकते हैं।

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