दुकानदारों का भी नंबर आ गया ,5 महीने में खुदरा व्यापार को 19 लाख करोड़ का नुकसान, बंद हो सकती है हजारों दुकानें

किसी भी वीडियो को डाउनलोड करें बस एक क्लिक में 👇
http://solyptube.com/download

नई दिल्ली. व्यापारी संगठन ‘कनफेडेरशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स’ (कैट) जो बीजेपी और संघ की घर की ही दूकान माना जाता है आज उसका बयान आया है जो विभिन्न राज्यों के 20 प्रमुख शहरों के बड़े छोटे व्यापारियों से बातचीत करने के बाद तैयार किया गया गया। ……इस रिपोर्ट में पता चला है कि नवम्बर -दिसंबर के दिए हुए माल का भुगतान जो फरवरी -मार्च तक आ जाना चाहिए था वो भुगतान अभी तक बाज़ार में नहीं हो पाया है.जिसकी वजह से कइयों का व्यापार का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है……….पिछले 5 महीनों में भारतीय खुदरा व्यापार को करीब 19 लाख करोड़ रुपये का नुकसान पुहंचा है और देश भर में करीब 20% दुकानों बंद होने की कगार पर है

पिछले 5 महीनों में भारतीय खुदरा व्यापार को करीब 19 लाख करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है. जिससे व्यापारियों को व्यापार घाटा का सामना करना पड़ा. घरेलू व्यापार में उथल-पुथल का आलम यह है कि लॉक डाउन खुलने के 3 महीने के बाद भी देश भर में व्यापारी भारी वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं. दुकानें खोलने की इजाजत तो मिली लेकिन ग्राहकों के बिना दुकाने सूनी पड़ी या बहुत कम ग्राहक दुकानों तक पहुंच रहे हैं.

कनफेडेरशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि देश भर में रिटेल बाज़ार विभिन्न राज्यों के 20 प्रमुख शहरों से आँका जाता है. दरअसल ये शहर राज्यों में सामान वितरण के लिए बड़े केंद्र हैं.ये 20 शहर है- दिल्ली, मुंबई, कलकत्ता, हैदराबाद, चेन्नई, नागपुर, रायपुर, भुवनेश्वर, रांची, भोपाल, सूरत, लखनऊ, कानपुर, जम्मू, कोचीन, पटना, लुधियाना, चंडीगढ़, अहमदाबाद, गुवाहाटी. व्यापारियों के नुकसान का आंकड़ा इन शहरों से बातचीत करने के बाद बनी रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया. कैट ने आशंका जताई हैं कि फ़िलहाल इस कोविड 19 के प्रभाव से नहीं उबरने की कोई उम्मीद की किरण नहीं दिख रही है.

Donate to JJP News
जेजेपी न्यूज़ को आपकी ज़रूरत है ,हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं,इसे जारी रखने के लिए जितना हो सके सहयोग करें.

Donate Now

अब हमारी ख़बरें पढ़ें यहाँ भी
loading...