चीनी सेना की क़ब्र को लेकर रोहित सरदाना ने फैलाया झूठ ,रवीश बोले न्यूज़ चैनल इस तरह झूठ बोलेंगे मुझे यक़ीन था

नई दिल्ली :भारत और चीनी के बीच 15 जून को गलवान घाटी में हुए घातक हमले भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे. दूसरी ओर चीन के सैनिक भी मारे गए थे लेकिन चीनी सरकार की ओर से मृतकों की संख्या पर कोई साफ़ आंकड़ा नहीं दिया गया जिसके कारण लगातार ग़लत जानकारियां फैलाई जा रही हैं.

इसी को लेकर आज तक ने 31 अगस्त को दावा किया कि उनके पास एक्सक्लूज़िव तस्वीरें हैं जो ये साबित करती हैं कि दोनों देशों के बीच सीमा पर हुई झड़प में 40 PLA जवान मारे गए. ऐंकर रोहित सरदाना ने ये दावा करते हुए कहा, “आज तक एक्सक्लूसिव तस्वीरें. ये आपको दिखा रहा है चीनी सैनिकों की कब्र की तस्वीरें हैं. गलवान में जो झड़प हुई थी उसमें जो चीनी सैनिक मारे गए थे, जिसके लिए देश में भी बहुत सारे लोग खड़े हो गए थे कि सबूत कहां है उसका? उसका सबूत ये सामने टेलीविज़न स्क्रीन पर है…भारत से झड़प में चीन के 40 से ज़्यादा जवान मारे गए थे और उनकी कब्रों पर आप देख सकते है उनको श्रद्धांजली दी जा रही है.

उन्होंने अपने ट्विटर से वीडियो शेयर करते हुए लिखा “गलवान में मारे गए चीनी सैनिकों की क़ब्रों की तस्वीरें हैं. जिसको गिनना हो गिन ले. और दोबारा सुबूत माँग कर भारतीय सेना के शौर्य पर सवाल न उठाए.

लेकिन ऑल्ट न्यूज़ ने उसे फै़क्ट चेक करते हुए गलत बतया है ऑल्ट न्यूज़ ने लिखा यह तस्वीरें जो आजतक पर दिखाई जा रही हैं कांगक्सिवा में चीनी सैन्य कब्रिस्तान की हैं जिसमें 1962 के भारत चीन युद्ध में शहीद हुए पीएलए सैनिकों की कब्र मौजूद हैं.पूरा फै़क्ट चेक ऑल्ट न्यूज़ पर पढ़ सकते हैं।

ऑल्ट न्यूज़ की इस खबर पर पर्तिकिर्या देते हुए वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार ने अपने फेसबुक पर लिखा “एक दिन आप शर्म करेंगे कि आप न्यूज़ चैनल देखते हैं ,चैनलों से चूक होती है मगर की चैनल जब मिलकर एक ही तस्वीर के आधार पर दावा करें तो यह चूक नहीं है। 1962 के युद्ध के समय चीनी सैनिकों के कब्र को इन चैनलों ने यह कह कर दिखाया कि गलवान घाटी में झड़प में जो 40 चीनी सैनिक शहीद हुए हैं उनकी कब्र हैं। रक्षा मामलों में झूठ बोल कर किसी की राजनीति आगे बढ़ाई जा रही है। न्यूज़ चैनल इस तरह झूठ बोलेंगे. मुझे इसकी कल्पना थी अफ़सोस आप अभी तक कल्पना नहीं कर पा रहे हैं।

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