इंतेसार अली के निलंबित पर रुबिका लियाक़त देने लगी इस्लाम पर ज्ञान ,कहा इस्लाम में दाढ़ी सुन्नत है अनिवार्य नहीं

नई दिल्ली :उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर इंतेसार अली को बिना अनुमति के दाढ़ी रखने पर निलंबित कर दिया गया और पुलिस लाइंस भेज दिया गया है।समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, सब-इंस्पेक्टर इंतेसार अली को दाढ़ी हटाने के लिए तीन बार चेतावनी दी गई थी और दाढ़ी बढ़ाने को लेकर अनुमति लेने के लिए कहा गया था। हालांकि, पुलिसकर्मी ने अनुमति नहीं ली और दाढ़ी बढ़ाना जारी रखा।

एसपी बागपत अभिषेक सिंह ने कहा कि पुलिस मैनुअल के अनुसार, सिर्फ सिखों को दाढ़ी रखने की अनुमति है, जबकि अन्य सभी पुलिसकर्मियों को चेहरे को साफ-सुथरा रखना आवश्यक है। एसपी ने कहा, “यदि कोई पुलिसकर्मी दाढ़ी रखना चाहता है, तो उसे उसकी अनुमति लेनी होगी। इंतेसार अली से बार-बार अनुमति लेने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया और बिना अनुमति के दाढ़ी रख ली।”

अब इस मामले पर पत्रकार रुबिका लियाक़त एक ट्वीट कर के इस्लाम की जानकारी शेयर की जिसके बाद वह ट्रोल भी हुयी उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा “जो लोग इन्तसार अली पर हुई कार्रवाई को हिंदू-मुस्लिम एंगल देने पर आमादा हैं वो पुलिस के ड्रेस मैनुअल कोड को अच्छे से पढ़ लें। इस्लाम में दाढ़ी सुन्नत है अनिवार्य नहीं.. अगर दाढ़ी रखनी ही है तो अनुमति ले लीजिए। पुलिस और सेना अनुशासन से चलते हैं।”

इस पर नीरज कुमार मीणा ने लिखा “हिंदू मुस्लिम करणे का धंदा मीडिया,पत्रकार और भाजपा का है देश कि जनता के पास इतना फालतू टाइम नही है,मीडिया अगर ईतने जल्दी सच खोज कर लाता है तो तब कहा मर जाता मीडिया जब देश के 45 जवान पुलवामा मे शहीद हो जाते,देश के मीडिया का सिर्फ एक ही धंदा बचा सिर्फ और सिर्फ सरकार को बचाने का !

वहीं एक यूजर ने लिखा “देश के प्रधानमंत्री दाढ़ी रख सकते है लेकिन मुस्लिम पुलिस दाढ़ी नही रख सकते है जबकि दोनों संविधानिक पद है फ़र्क बस इतना है प्रधानमंत्री हिन्दू हैं पुलिस मुस्लिम और ये खोपड़ी वाली कानून सिखा रहीं हैं

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