मनमोहन और मोदी के इन दो उदाहरणों से समझिए कि विकास कैसे होता है

किसी भी वीडियो को डाउनलोड करें बस एक क्लिक में 👇
http://solyptube.com/download

मनमोहन सिंह सरकार के दौरान तेंदुलकर समिति और योजना आयोग के आंकड़ों के हिसाब से देश में करीब 26 से 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे रह रहे थे. ये आंकड़ा खुद सरकार दे रही थी और इसके लिए उसकी आलोचना की जा रही थी. इन आंकड़ों के हिसाब से सरकार योजनाएं बना रही थी कि बचे हुए लोगों को गरीबी रेखा से बाहर लाना है. यह भी सच है कि उदारीकरण के बाद करीब दो दशकों में लोग काफी तेजी से गरीबी से बाहर आ रहे थे.
फिर मोदी जी आए. उन्होंने कहा कि अब विकास होगा. विकास के ताबूत में पहली कील ठोंकी गई नोटबंदी की. अर्थव्यवस्था नीचे आनी शुरू हुई. उद्योग धंधे सब बंद होने शुरू हुए. सारे छोटे उद्योग तबाह हो गए. फिर तुगलकी लॉकडाउन लगाया गया और एक झटके में देश की एक चौथाई आबादी और गरीबी रेखा से नीचे चली गई. ये वे लोग थे जो मिडिल क्लास में थे. अब सरकार गर्व के साथ बता रही है कि वह देश के 80 करोड़ लोगों को जिंदा रहने के लिए मुफ्त राशन दे रही है. ये सरकार किसी चीज का आंकड़ा न रखती है, न बताती है. लेकिन इतना समझिए कि 135 करोड़ में से 80 करोड़ के हाथ में कटोरा पकड़ा दिया गया है.
इस विध्वंसक विकास पर आपको गर्व करना है. इतना गर्व करो कि बिना कुछ खाए ही फूलकर कुप्पा हो जाओ.

Donate to JJP News
जेजेपी न्यूज़ को आपकी ज़रूरत है ,हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं,इसे जारी रखने के लिए जितना हो सके सहयोग करें.

Donate Now

अब हमारी ख़बरें पढ़ें यहाँ भी
loading...