हां, मैं टेबल पर चढ़ा और माइक तोड़ दिया, लोकतंत्र को बचाने के लिए हमसे जो कुछ हो सका हमने किया: संजय सिंह

नई दिल्ली. राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में अमर्यादित व्यवहार की बात स्वीकार की है. उन्होंने माना है कि वो सदन में टेबल पर चढ़ गए और माइक तोड़ दिया. इसके पीछे उनका तर्क है कि ऐसा उन्होंने लोकतंत्र बचाने के लिए किया है. उनका कहना है- ‘सरकार को इस बिल के लिए माफी मांगनी चाहिए. सरकार लोकतंत्र का गला घोंटना चाहती है.’

राज्यसभा के सभापति और देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कहना है कि अपने अभद्र व्यवहार को लेकर किसी भी सांसद ने माफी नहीं मांगी है. इस पर संजय सिंह का कहना है कि सांसद दिमागी रूप से कमजोर या पागल नहीं हैं. वो देश की संसद के प्रति उत्तरदायी हैं. सांसद इंतजार कर रहे हैं कि सरकार न्याय करेगी और सदन को संविधान और कानून के हिसाब से चलाएगी. देखिए किस तरह के नियम लाए जा रहे है! विपक्षी सांसदों का कहना था कि बिल पर वोटिंग होनी चाहिए लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी. दरअसल सरकार को शर्मसार होना चाहिए और इस बिल को लेकर देश के किसानों से माफी मांगनी चाहिए.

प्रदर्शन से क्या हासिल हुआ के सवाल पर संजय सिंह ने कहा-अगर सरकार लोकतंत्र का गला घोंटती रहेगी और संविधान के लिए कोई सम्मान नहीं प्रदर्शित करेगी तो हम आखिर क्या कर सकते हैं? हम लोग जो अधिकतम कर सकते थे, वो हमने किया है. अब हम बस किसानों की आंखों में देख कर कह सकते हैं कि जितना विरोध हो सके, उतना कीजिए.

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