प्रति व्यक्ति की आय में वृद्धि के मामले में क्यों फिसड्डी है यूपी!

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1.उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है। 44,600 रुपये है।
2.मणिपुर की प्रति व्यक्ति आय 54,000 है।
3. पंजाब की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 19 हज़ार रुपये है।
* उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 59 हज़ार रुपये है।
4.गोवा की प्रति व्यक्ति आय 3 लाख 4 हज़ार रुपये है।

भारत की औसत प्रति व्यक्ति आय 95,000 रुपये है। इस हिसाब से उत्तर प्रदेश कितना ग़रीब है। इसकी प्रति व्यक्ति आय 44, 600 रुपये है। प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण योजना के तहत यहां की आधी से अधिक आबादी को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। जिससे पता चलता है कि यह प्रदेश कितना बुझा बुझा सा है। आर्थिक विकास के तमाम दावों के बाद भी भारतीय रिज़र्व बैंक का यह आंकड़ा बता रहा है कि जब तक यूपी की आमदनी नहीं बढ़ेगी, इस देश की ख़ुशहाली नहीं आएगी। 24 करोड़ की आबादी वाले राज्य के लोग अगर इतना कम कमा रहे हैं तो इसका मतलब है कि हालत बहुत बुरी है। यूपी के लोग अपने और आस-पास के घरों का हाल ईमानदारी से बता सकते हैं।

हम फिर से बता दें कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने Handbook of Statistics on the Indian Economy 2020-21 जारी कर दी है। इंडियन एक्सप्रेस के उदित मिश्रा ने इसके आधार पर राज्यों की प्रति व्यक्ति आय का आंकलन किया है। उन पांच राज्यों का जहां जल्दी चुनाव होने वाले हैं।

उदित मिश्रा ने तीन रंगों का एक चार्ट बनाया है बताने के लिए कि 2012-13, 2016-17 और 2018-20 के बीच इन पांच राज्यों में प्रति व्यक्ति आय किस रफ्तार से बढ़ रही थी।

उदित लिखते हैं कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में यूपी इन पांच राज्यों में सबसे नीचे हैं। इसके बाद भी यूपी भारत के राज्यों में बड़ी अर्थव्यवस्था में से एक है। 2018 से 2020 के दौरान यानी योगी सरकार के पहले तीन साल में यूपी की दर 2.99 प्रतिशत रही है। कोरोना की महामारी आने से पहले अगर 24 करोड़ की आबादी वाले राज्य की विकास दर इतनी धीमी है तो आप कल्पना कर सकते हैं कि आर्थिक तौर पर यह राज्य भीतर से कितना कमज़ोर है। इसीलिए यह बार बार धर्म की राजनीति की शरण में जाता है क्योंकि धर्म के अलावा इसके पास चमकाने या आक्रामक होने के लिए कुछ और नहीं है। उदित मिश्रा ने लिखा है कि उस दौरान प्रति व्यक्ति आय के बढ़ने की राष्ट्रीय दर 4.6 प्रतिशत थी, यूपी की विकास दर उसकी आधी थी। समाजवादी सरकार के कार्यकाल में 5 फीसदी थी। अगर आप इसमें 2021 के वित्त वर्ष को भी शामिल कर लें तो यूपी में बीजेपी के शासन काल में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि की दर घट कर 0.01 प्रतिशत हो जाती है। यानी यूपी ने 2017 के बाद से चवन्नी तरक्की नहीं देखी है।

उदित मिश्रा ने लिखा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अगले पांच साल में यूपी की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से अधिक हो जाएगी। उदित लिखते हैं कि इसके लिए 2023-2027 के बीच यूपी की प्रति व्यक्ति आय को 22 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़नी होगी।

बाकी राज्यों के बारे में उदित मिश्रा के विश्लेषण को पढ़ने के लिए आप इंडियन एक्सप्रेस के इस लिंक को चटकाए जो नीचे दे रहा हूं।

रवीश कुमार के फेसबुक हैंडल से ली गई।

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