अफगानिस्तान में महिलाओं ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए किया विरोध प्रदर्शन

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काबुल: अफगानिस्तान के पश्चिमी हेरात प्रांत में गवर्नर कार्यालय के बाहर लगभग तीन दर्जन महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया. उनकी मांग थी कि नई सरकार में महिला अधिकारों के संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए. बृहस्पतिवार को हुई रैली की आयोजक फ्रिबा कबरजानी ने कहा कि लोया जिरगा और मंत्रिमंडल समेत नई सरकार में महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी मिलनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान महिलाएं आज जो कुछ भी हैं, उसे हासिल करने के लिए उन्होंने पिछले 20 साल में कई कुर्बानियां दी हैं.

कबरजानी ने कहा, हम चाहते हैं कि दुनिया हमारी सुने और हम अपने अधिकारों की रक्षा चाहते हैं.

कबरजानी ने कहा कि कुछ स्थानीय परिवारों ने अन्य महिलाओं को रैली में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जबकि तालिबान द्वारा देश की सत्ता में और काबिज होने के बाद उन महिलाओं को अपनी सुरक्षा की चिंता है.

विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाली एक अन्य महिला मरियम एब्राम ने कहा कि तालिबान टीवी पर खूब भाषण दे रहे हैं लेकिन सार्वजनिक रूप से वे सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं. उन्होंने बोले , हमने उन महिलाओं को फिर से पीटते हुए देखा है.

मरियम एब्राम ने अल जजीरा को बताया कि वे महिलाओं के काम करने के अधिकार पर तालिबान सरकार से स्पष्ट जवाब की कमी के कारण निराश होकर सड़कों पर उतरे हैं.

24 वर्षीय एब्राम ने कहा कि उसे और अन्य महिलाओं को हफ्तों तक काम पर नहीं आने के लिए कहा गया है. जब वे पश्चिमी अफगानिस्तान के सबसे बड़े शहर में अपने कार्यालयों में पहुंचीं तो उन्हें मना कर दिया गया.

एब्राम ने कहा कि वह और अन्य हेराती महिलाओं के एक समूह ने तालिबान के शीर्ष अधिकारियों से महिलाओं के अधिकारों पर उनकी नीतियों के बारे में स्पष्ट स्पष्टीकरण मांगने के लिए मुलाकात की, लेकिन उन्हें कभी भी उपयुक्त जवाब नहीं मिला.

एब्राम ने कहा, हफ्तों तक तालिबान के साथ सभी स्तरों पर जुड़ने की कोशिश करने के बाद महिलाओं ने अपनी आवाज सार्वजनिक रूप से सुनाने का फैसला किया.

1996-2001 के बीच तालिबान के पिछले शासन, जिसे महिला शिक्षा और रोजगार पर प्रतिबंध को लिए चिह्नित किया गया है, उन बातो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, हमने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन हमने देखा कि 20 साल पहले के तालिबान के अलावा वहां कुछ नहीं था. उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है.

पिछले महीने अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से तालिबान नेतृत्व ने आश्वासन दिया है कि वे महिलाओं को काम करने और शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति देंगे, क्योंकि अफगानों को सख्त शासन की वापसी का डर है.

उन्होंने कहा कि महिलाओं ने पुलिस प्रमुख और सूचना और संस्कृति निदेशक सहित कई तालिबान नेताओं से खुलकर बात की, आपने कब्जा करने वाले से छुटकारा पा लिया, आपने लोकतंत्र को खत्म कर दिया, लेकिन आप इसके स्थान पर क्या लाएंगे और हमारी क्या भूमिका होगी!

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